पर्यावरण एवं जलवायु सहनशील योजनाएँ:
सतत भविष्य की दिशा में भारत के प्रयास
आज के दौर में जब वैश्विक तापमान वृद्धि, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं, भारत ने इन समस्याओं से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार द्वारा संचालित पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु-सहनशील (Climate-Resilient) योजनाएँ न केवल प्रकृति की रक्षा के लिए बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था को स्थायी विकास की दिशा में ले जाने के लिए भी बनाई गई हैं।
🌿 1. राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा मिशन (National Clean Energy Mission)
भारत सरकार ने स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा मिशन की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत सौर, पवन, जल और बायोमास ऊर्जा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। “राष्ट्रीय सौर मिशन” (National Solar Mission) का उद्देश्य वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन करना है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार भी बढ़ेंगे।
🌱 2. जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC)
भारत ने जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (National Action Plan on Climate Change – NAPCC) वर्ष 2008 में शुरू की थी। इसमें आठ प्रमुख मिशन शामिल हैं जैसे.

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राष्ट्रीय सौर मिशन
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राष्ट्रीय जल मिशन
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राष्ट्रीय हरित भारत मिशन
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राष्ट्रीय कृषि मिशन
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राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता मिशन
इन सभी का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
🌳 3. राष्ट्रीय हरित भारत मिशन (National Green India Mission)
इस योजना का लक्ष्य वनों और वृक्षों की संख्या बढ़ाकर 10 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में हरित आवरण का विस्तार करना है। इससे न केवल जैव विविधता संरक्षित होगी बल्कि ग्रामीण लोगों को वनों पर आधारित आजीविका के अवसर भी मिलेंगे। यह मिशन जलवायु परिवर्तन के प्रति पारिस्थितिकी तंत्र की सहनशीलता को मजबूत करता है।
💧 4. जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission)
जलवायु परिवर्तन का सीधा प्रभाव जल संसाधनों पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण घर तक “नल से जल” उपलब्ध कराना है। साथ ही वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
♻️ 5. स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission)
यह केवल स्वच्छता की योजना नहीं है बल्कि पर्यावरणीय स्वास्थ्य से जुड़ी एक व्यापक पहल है। कचरा प्रबंधन, खुले में शौच से मुक्ति और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से यह मिशन जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देता है।
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🌾 6. राष्ट्रीय कृषि जलवायु मिशन (National Mission for Sustainable Agriculture)

इस योजना का उद्देश्य किसानों को जलवायु-सहनशील खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसमें मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सूखा-रोधी फसलें, जैविक खाद, और माइक्रो-इरिगेशन जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया गया है, जिससे कृषि उत्पादन जलवायु के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रह सके।
🌎 7. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और ई-मोबिलिटी
उज्ज्वला योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन देकर लकड़ी और कोयले के धुएँ से होने वाले प्रदूषण को घटाया गया है। वहीं, ई-मोबिलिटी (इलेक्ट्रिक वाहन) नीति के तहत सरकार पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाकर प्रदूषण को कम करने की दिशा में कदम उठा रही है।
🌤️ निष्कर्ष
भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण संरक्षण और विकास एक साथ चल सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकारों की ये योजनाएँ न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं बल्कि ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और स्वास्थ्य सुधार जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
सतत और हरित भारत का निर्माण तभी संभव है जब सरकार के प्रयासों के साथ-साथ नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी निभाएँ — जैसे पेड़ लगाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना, जल की बचत करना और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना। यही सामूहिक प्रयास हमारे देश को जलवायु परिवर्तन के संकट से उबार कर एक सशक्त, हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाएगा। 🌱
भारत में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रमुख सरकारी योजनाएँ कौन-सी हैं?
भारत सरकार ने कई योजनाएँ शुरू की हैं, जैसे—राष्ट्रीय सौर मिशन, हरित भारत मिशन, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, और जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC)।
जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) क्या है?
यह एक व्यापक नीति है जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए आठ मिशनों के माध्यम से कार्य करती है, जैसे सौर मिशन, जल मिशन, और ऊर्जा दक्षता मिशन।
राष्ट्रीय हरित भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस मिशन का लक्ष्य वनों की संख्या और हरित क्षेत्र को बढ़ाना है ताकि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम किया जा सके और पर्यावरणीय संतुलन बना रहे।
स्वच्छ भारत मिशन का पर्यावरण से क्या संबंध है?
यह मिशन स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और खुले में शौच से मुक्ति के माध्यम से जल, मिट्टी और वायु प्रदूषण को कम करता है — जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
जल जीवन मिशन कैसे जलवायु परिवर्तन से जुड़ा है?
यह मिशन जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर केंद्रित है, जिससे सूखे और जल संकट जैसी जलवायु-जनित समस्याओं का समाधान होता है।
राष्ट्रीय सौर मिशन का लक्ष्य क्या है?
इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है ताकि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटे और कार्बन उत्सर्जन कम हो।
जलवायु-सहनशील कृषि का क्या अर्थ है?
ऐसी कृषि प्रणाली जो सूखा, बाढ़ या अनियमित मौसम जैसी स्थितियों में भी टिकाऊ रहे, उसे जलवायु-सहनशील कृषि कहा जाता है। इसके लिए सरकार “राष्ट्रीय कृषि जलवायु मिशन” चला रही है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर्यावरण संरक्षण में कैसे सहायक है?
यह योजना लकड़ी और कोयले के प्रयोग को घटाकर स्वच्छ एलपीजी ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देती है, जिससे घरेलू वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन दोनों में कमी आती है।
ई-मोबिलिटी नीति क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह नीति इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है ताकि प्रदूषण कम हो और भारत में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिले।
राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता मिशन का महत्व क्या है?
यह मिशन ऊर्जा के कुशल उपयोग को प्रोत्साहित करता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आती है।
क्या आम नागरिक इन पर्यावरण योजनाओं में योगदान दे सकते हैं?
हाँ, नागरिक पेड़ लगाकर, जल बचाकर, सौर ऊर्जा अपनाकर और प्लास्टिक का उपयोग घटाकर इन योजनाओं की सफलता में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
भारत की जलवायु नीति का दीर्घकालिक लक्ष्य क्या है?
भारत का लक्ष्य 2070 तक “नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन” प्राप्त करना है, यानी जितना कार्बन उत्सर्जित होगा, उतना ही अवशोषित या निष्क्रिय किया जाएगा।


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