पोषण एवं बाल विकास योजनाएँ: स्वस्थ भविष्य की नींव
भारत जैसे विकासशील देश में बच्चों का समग्र विकास और उचित पोषण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। बचपन वह अवस्था है जिसमें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव रखी जाती है। यदि इस अवस्था में बच्चों को पर्याप्त पोषण, स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा नहीं मिलती, तो उनके विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार ने कई पोषण एवं बाल विकास योजनाएँ (Nutrition and Child Development Schemes) शुरू की हैं, जिनका लक्ष्य बच्चों को कुपोषण से मुक्त, स्वस्थ और शिक्षित बनाना है।
1. समग्र बाल विकास सेवा (ICDS) योजना

समेकित बाल विकास सेवा (Integrated Child Development Services – ICDS) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे 1975 में प्रारंभ किया गया था। इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 6 वर्ष तक के बच्चों को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और टीकाकरण जैसी सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।
इस योजना के तहत देशभर में आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थापना की गई है, जहाँ बच्चों को पूरक पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं।
2. पोषण अभियान (Poshan Abhiyaan)
राष्ट्रीय पोषण मिशन या पोषण अभियान को वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को कुपोषण मुक्त बनाना है। यह अभियान “सही पोषण—देश रोशन” के नारे के साथ शुरू किया गया।

इस योजना के तहत कुपोषित और अत्यंत कुपोषित बच्चों की पहचान की जाती है, और उन्हें उचित आहार, स्वास्थ्य जांच, तथा माताओं को पोषण संबंधी जागरूकता प्रदान की जाती है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से डेटा मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग भी की जाती है ताकि योजनाओं का प्रभाव सुनिश्चित हो सके।
3. मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme)
विद्यालय जाने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme) चलाई जा रही है। यह योजना 1995 में प्रारंभ हुई थी और वर्तमान में इसका नाम प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (PM POSHAN) रखा गया है।
इस योजना से न केवल बच्चों को पोषण मिलता है, बल्कि स्कूल उपस्थिति दर भी बढ़ी है। बच्चों को गर्म, ताजा और संतुलित भोजन प्रदान किया जाता है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रोत्साहन मिलता है।
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4. सबला योजना (Rajiv Gandhi Scheme for Empowerment of Adolescent Girls)
किशोरियों के लिए प्रारंभ की गई सबला योजना का लक्ष्य 11 से 18 वर्ष की लड़कियों को पोषण, स्वास्थ्य शिक्षा, जीवन कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। यह योजना विशेष रूप से उन क्षेत्रों में लागू की गई है जहाँ कुपोषण और बालिकाओं की शिक्षा की स्थिति कमजोर है।
5. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
यह योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए शुरू की गई है ताकि उन्हें पोषण की दृष्टि से आर्थिक सहायता दी जा सके। पहली बार माँ बनने वाली महिलाओं को तीन किस्तों में ₹5,000 की सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान कुपोषण को कम करना और स्वस्थ बच्चे का जन्म सुनिश्चित करना है।
6. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK)

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बच्चों के शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य की जांच सुनिश्चित करता है। यह कार्यक्रम जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों में चार प्रमुख श्रेणियों — जन्मजात विकार, बीमारियाँ, कमी और विकासात्मक विलंब — की पहचान और उपचार पर केंद्रित है।
निष्कर्ष
पोषण एवं बाल विकास योजनाएँ भारत के उज्जवल भविष्य की नींव हैं। इन योजनाओं के माध्यम से न केवल बच्चों का कुपोषण कम किया जा रहा है, बल्कि माताओं को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सरकार, समाज और परिवार—तीनों का सहयोग बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। एक स्वस्थ, शिक्षित और पोषित बच्चा ही आने वाले भारत का सशक्त नागरिक बनेगा।
पोषण एवं बाल विकास योजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और माताओं में कुपोषण को समाप्त करना, स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना और समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) योजना क्या है?
ICDS योजना 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएँ प्रदान करने के लिए 1975 में शुरू की गई थी।
आंगनवाड़ी केंद्रों की क्या भूमिका होती है?
आंगनवाड़ी केंद्र ICDS योजना के अंतर्गत कार्य करते हैं, जहाँ बच्चों को पूरक पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण की सुविधा दी जाती है।
पोषण अभियान (Poshan Abhiyaan) क्या है?
यह 2018 में शुरू किया गया एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य भारत को कुपोषण मुक्त बनाना है और माताओं व बच्चों में पोषण स्तर सुधारना है।
पोषण अभियान का नारा क्या है?
“सही पोषण – देश रोशन” पोषण अभियान का मुख्य नारा है।
मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal) का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान कर उनकी सेहत सुधारना और शिक्षा में रुचि बढ़ाना है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) का मुख्य लक्ष्य क्या है?
RBSK का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात बीमारियों, पोषण की कमी और विकासात्मक समस्याओं की पहचान व उपचार करना है।
कुपोषण से बच्चों को क्या नुकसान होता है?
कुपोषण से बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है, शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है, जिससे उनकी सीखने की क्षमता भी प्रभावित होती है।
पोषण एवं बाल विकास योजनाओं की सफलता में समाज की क्या भूमिका है?
समाज जागरूकता फैलाकर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग कर, और माताओं को सही पोषण जानकारी देकर इन योजनाओं की सफलता में योगदान दे सकता है।

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